Wednesday , December 8 2021

हर वार्ड में होना चाहिए एक्यूप्रेशर उपचार केन्द्र : पं. केशरीनाथ त्रिपाठी

प्रयागराज एक्यूप्रेशर संस्थान का 23वाँ राष्ट्रीय सम्मेलन बुधवार को छतनाग स्थित माता प्रसाद खेमका एक्यूप्रेशर महाविद्यालय प्रांगण के सभागार में आरम्भ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन पं. बंगाल के पूर्व राज्यपाल पं. केशरीनाथ त्रिपाठी द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान के चिरकालिक अध्यक्ष श्रद्धेय माता प्रसाद खेमका की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में केशरी देवी पटेल, सांसद फूलपुर भी मौजूद थीं। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में आठ पुस्तकों का विमोचन किया गया, जो कि कोरोना काल के दौरान किये गये शोध कार्यों के परिणाम के रूप में संकलित किये गये। यह जानकारी प्रयागराज एक्यूप्रेशर संस्थान की मीडिया प्रभारी उर्वशी उपाध्याय ने दी।

2021 का माताप्रसाद खेमका पुरस्कार आलोक कमलिया को

वर्ष 2021 का माता प्रसाद खेमका पुरस्कार संस्थान के प्रो. आलोक कमलिया को उनकी 25 वर्षों की सेवा एवं अनवरत उपचार शोध आदि में दिये गये योगदान के लिए दिया गया। इसी क्रम में डॉ. जी.सी. अग्रवाल विशिष्ट सम्मान, 2021 प्रो. रामकुमार शर्मा को दिया गया।

ज्ञात हो कि डॉ. जी.सी. अग्रवाल पुरस्कार इस वर्ष पहली बार आरम्भ किया गया है जो आधुनिक चिकित्सा विधा से तालमेल बनाते हुए एक्यूप्रेशर उपचार की दिशा में दिया जाता है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सम्मेलन के मुख्य समन्वयक के.सी. गोयल जी ने संस्थान की ओर से अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने संस्थान की गतिविधियों से सभी को परिचित कराते हुए सम्मेलन में शामिल विशेषज्ञों से आह्वान किया कि आगामी 2022 के राष्ट्रीय सम्मेलन में कोरोना काल के सभी दुश्वारियों से दूर होकर आप सभी अवश्य शामिल हों।

चिकित्सा विधा के रूप में मान्यता देने की आवश्यकता है और मैं सांसद महोदय से अनुरोध करता हूँ कि इसे संसद के पटल तक अवश्य ले जाएँ।

प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डॉ. प्रकाश खेतान ने अपने वक्तव्य में अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर कहा कि इस विधा को मूल चिकित्सा विधा के रूप में मान्यता देने की आवश्यकता है और मैं सांसद महोदय से अनुरोध करता हूँ कि इसे संसद के पटल तक अवश्य ले जाएँ।

सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए केशरी देवी पटेल सांसद फूलपुर ने बताया कि संसद के पटल तक इसे बहुत ही मजबूती के साथ प्रस्तुत किया जा चुका है। और जहाँ तक मुझे जानकारी है कार्य प्रगति पर है। पं. केशरीनाथ त्रिपाठी ने अपने वक्तव्य में एक्यूप्रेशर के अपने पुराने अनुभवों को साझा किया, उन्होंने कहा कि यह ऐसी विधा है कि इसे हर घर में अपनाना आवश्यक है जिसके लिए हर वार्ड में एक एक्यूप्रेशर का उपचार/प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने की आवश्यकता है।

एक्यूप्रेशर शोध और साहित्य के बारे में बताते हुए अध्यक्ष जे.पी. अग्रवाल ने बताया कि अनेक प्रकार के जटिल रोगों का उपचार प्रबंध इन पुस्तकों के माध्यम से संकलित किया जा रहा है और साथ ही इसमें इसका वैज्ञानिक पक्ष भी प्रस्तुत किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान वर्ष भर किये गये शोधों पर आधारित 20 शोध पत्र पढ़े गये, जिनमें के.सी. गोयल (राष्ट्रीय समन्वयक) का शोध-पत्र आज की बड़ी समस्या के रूप में उभरे डेंगू के उपचार पर आधारित थी। अनिल िंसह (सूरत) का शोध-पत्र एक्यूप्रेशर त्रि-स्तरीय उपचार पद्धति, रविन्द्रा जी (बैंगलोर) का शोध-पत्र पंचतत्व द्वारा आँखों का उपचार आदि प्रमुख थे। इसके अतिरिक्त मस्तिष्क के रोग पार्किन्सन डिजिज सेरेब्रल एट्रोफी आदि विषयों पर देश के अलग-अलग भागों से विशेषज्ञों ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किये।

कार्यक्रम आनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ के इस अवसर पर श्याम सुन्दर सराफ, एस.पी. सिंह, एस.के. गोयल, एम.के. मिढा, एम.बी. त्रिपाठी, एस.पी. केसरवानी, मोरारी लाल अग्रवाल, ए.के. शुक्ला, रामकुमार शर्मा, विशाल जायसवाल, अभय, सुनील, प्रभात वर्मा, अर्चना त्रिवेदी, गीता गर्ग सहित एक हजार से अधिक लोग जुड़े रहे।

कार्यक्रम आनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ के इस अवसर पर श्याम सुन्दर सराफ, एस.पी. सिंह, एस.के. गोयल, एम.के. मिढा, एम.बी. त्रिपाठी, एस.पी. केसरवानी, मोरारी लाल अग्रवाल, ए.के. शुक्ला, रामकुमार शर्मा, विशाल जायसवाल, अभय, सुनील, प्रभात वर्मा, अर्चना त्रिवेदी, गीता गर्ग सहित एक हजार से अधिक लोग जुड़े रहे।

ज्ञात हो यह सम्मेलन लगातार पाँच दिनों तक जारी रहेगा। जिसमें चार दिन सुपर एडवांस ट्रेिंनग के कार्यक्रम भी शामिल हैं। आज 19.11.2021 को कार्यक्रम में अतिथि रूप में श्रीपाद नाईक, राज्य मंत्री, पतन, पोत परिवहन, जलमार्ग एवं पर्यटन, भारत सरकार प्रात: 11 बजे एवं दुर्गा शंकर मिश्र, सचिव, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, निर्माण भवन, भारत सरकार, नई दिल्ली ने प्रात: 10 बजे आनलाइन माध्यम से सम्मेलन को सम्बोधित किया।

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