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यूपी चुनावों से पहले बीजेपी में हुई भगदड़ पर सुभासपा प्रमुख राजभर का दिलचस्प इंटरव्यू

वरिष्ठ पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी ने पिछले दिनों यूपी में हो रही राजनीतिक हलचल से जुड़े कई मुद्दों पर सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर से बड़ी ही खूबसूरती से सवाल किये और राजभर ने उन सभी सवालों का दिलचस्प जवाब भी दिया। इस दिलचस्प बातचीत के कुछ मुख्य बिंदु हम यहां लिख रहे हैं और विस्तार से सुनने के लिये आप इस वीडियो इंटरव्यू पर क्लिक करें…

मोदी और योगी के बीच सबकुछ ठीक नहीं

पूर्वांचल एक्सप्रेस हो या फिर यूपी चुनावी रैलियों के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी का यूपी दौरा, हर बार मोदी ने योगी को यह एहसास कराने की कोशिश की, कि तुम पीएम बनने का सपना जो पाले हुये हो, उसे भूल जाओ। मोदी ने केशव प्रसाद मौर्य को साथ बिठाकर जब चाय पिलायी तो समझाया कि पिछड़ी जाति से होने के कारण ही योगी ने तुम्हें स्टूल पर बिठाया और दूसरे पिछड़ी जाति के नेता को फाइबर की कुर्सी पर। योगी का घमंड तोड़ना जरूरी है इसलिये इसे हराने के लिये यूपी में काम करो।

योगी का प्रधानमंत्री बनने का सपना ही उनके रास्ते का रोड़ा

इंडिया टुडे में पैसे देकर योगीजी ने अपनी लो​कप्रियता बढ़ाने के लिये खबर छपवायी, अंतरराष्ट्रीय पत्रिका टाइम्स में खबर लगवाकर खुद को नंबर वन दिखाया। फिर इनके कुछ ब्यूरोक्रेट्स ने इनसे कहा कि आप तो प्रधानमंत्री बनने लायक हैं तो इन्होंने नारा लगाना शुरू कर दिया कि अगला पीएम योगी महाराज। यह खबर जब दिल्ली पहुंची तो अमित शाह आग बबूला हो गये।

कृष्ण गोपाल, जो संघ में बड़े व जिम्मेदार पद पर थे, की बदौलत ही योगी इतना उछल रहे थे। जब तक कृष्ण गोपाल यहां रहे, योगी खूब बोलते रहे। तब मोदी और शाह ने कृष्ण गोपाल को ही यहां से हटा दिया, उसके बाद से योगी का हाल ये हो गया है कि वे कभी ​मथुरा तो कभी अयोध्या से ​अपने लिये टिकट मांगते फिर रहे हैं। ये हाल हो चुका है योगी का।

बीजेपी के लोग चुनाव हारने पर भी सरकार बना लेते हैं, सरकार बनाने में बीजेपी वाले उस्ताद हैं। ऐसे में अखिलेश का पूरा कुनबा क्या इकट्ठा रह पायेगा? इसकी क्या गारंटी है?

हम गारंटी लेते हैं। हम उन्हीं लोगों को चुनाव लड़ा रहे हैं, जो अपनी पार्टी और गठबंधन के नेता हैं। कुछ लोगों को बीजेपी पैसे देकर कुछ गड़बड़ करने का प्रयास कर रही है। अखिलेश यादव और मैं, ऐसे लोगों को अच्छी तरह से जानते हैं और उनसे एलर्ट भी हैं।

कोई कॉमन मिनिमम प्रोग्राम भी बनाया जा रहा है ताकि बाद में आपलोगों का आपस में किसी भी मुद्दे को लेकर मनमुटाव, तनाव या झगड़ा न हो?

कार्यक्रम तय है। हमलोग मुद्दों के आधार पर, जैसा कि पहले भी बताया, जातिगत जनगणना छह महीने में ही करा देंगे। शपथ लेते ही 300 यूनिट बिजली, पांच साल लगातार देने की घोषणा कर देंगे। अन्ना पशुओं से निजात दिलाने का काम करेंगे। अन्ना पशुओं के कारण सड़क पर हो रही दुर्घटनाओं से भी निजात दिलाने का काम करेंगे। गरीबों का इलाज फ्री में किया जायेगा। गन्ना किसानों के सवाल पर पूरी कोशिश की जायेगी कि उनका भुगतान किया जाये। प्रदेश में अमन चैन का माहौल जो बिगड़ा हुआ, हम एक बार फिर से उसे बहाल करने की कोशिश करेंगे।

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