Saturday , June 18 2022

अखिलेश ब्राह्मण समाज रैली LIVE VIDEO: ब्राह्मणों को लुभाने के लिए अखिलेश की परशुराम पूजा…

अखिलेश ब्राह्मण समाज रैली लाइव वीडियो

लखनऊ: आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) में जीत का एक भी मौका समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) गंवाना नहीं चाहती. जब पार्टी को दिखा कि ब्राह्मण समाज बीजेपी से इस कदर नाराज है कि चाहकर भी भाजपा उसकी नाराजगी दूर नहीं कर पा रही तो ब्राह्मणों को अपने साथ करने के लिये सपा प्रमुख ने आज एक बड़ा ब्राह्मण दांव चल दिया.

सपा ने आज राजधानी लखनऊ में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे (Purvanchal Expressway) के किनारे भगवान परशुराम का मंदिर (Parshuram Temple) तैयार कराया और वहां भगवान परशुराम का फरसा भी लगा दिया. वहीं, अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के आज भगवान परशुराम मंदिर में दर्शन पूजन करने के बाद आम जनता के लिए यह मंदिर खोल दिया गया.

12 फीसदी ब्राह्मण आबादी है टारगेट

इस मंदिर में ‘जय भगवान परशुराम’ लिखा हुआ है और अंदर परशुराम की मूर्ति स्थापित की गई है. मंदिर के ठीक सामने एक 73 फीट ऊंचा फरसा लगवाया गया है, जहां अखिलेश यादव दर्शन-पूजन करेंगे. उनके साथ प्रदेश के कई सपा ब्राह्मण नेता भी वहां मौजूद रहेंगे. माना जा सकता है कि इससे अखिलेश यादव ब्राह्मण वोट बैंक पर फोकस कर रहे हैं, क्योंकि यूपी में करीब 12 फीसदी ब्राह्मण आबादी है. वहीं, अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के आज भगवान परशुराम मंदिर में दर्शन पूजन करने के बाद आम जनता के लिए यह मंदिर खोल दिया जाएगा.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने परशुराम रैली के दौरान ब्राह्मणों को संबोधित करते हुये कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश को पीछे धकेल दिया है। भाजपा राज में हर वर्ग अपमानित और प्रताड़ित किया जा रहा है। अब नए वर्ष में उत्तर प्रदेश में बदलाव होगा। सभी लोग बदलाव चाहते हैं। समाजवादी सरकार ने उत्तर प्रदेश को विकास और रोजगार का मॉडल दिया। लखनऊ में आई.टी. सिटी की स्थापना की, अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय स्टेडियम दिया, एक्सप्रेस वे बनाया, पार्क, कैंसर इंस्टीट्यूट दिया, लेकिन भाजपा सरकार ने सब कुछ बर्बाद कर दिया.

अखिलेश यादव ने आज समाजवादी विजय रथ यात्रा के दसवें चरण में एच.सी.एल.आई.टी. चकगंजरिया से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे महुराकलां गांव में नवनिर्मित भगवान परशुराम जी के मंदिर तक यात्रा की। इस दौरान रास्ते भर भारी जनसमुदाय ने जोश और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। उन्होंने आई.टी. सिटी चकगंजरिया, रोहतास के मैदान और करीमपुर में विशाल जनसभाओं को सम्बोधित किया। अमूल दुग्ध प्लांट के पास बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और नेताओं ने झण्डे, बैनर और पोस्टर के साथ उनका स्वागत किया। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पास समाजवादी विजय रथ यात्रा का स्वागत अखिलेश यादव जिंदाबाद के जोरदार नारों के साथ हुआ।

अखिलेश ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि नए साल में समाजवादियों ने संकल्प लिया है कि प्रदेश में सपा सरकार बनने पर 300 यूनिट घरेलू बिजली फ्री होगी और किसानों को सिंचाई पूरी तरह से मुक्त होगी। उन्होंने कहा समाजवादी पार्टी किसानों की मदद करना चाहती है। किसान अन्नदाता है। देश का पेट भरता है। किसानों ने कोरोना काल में देश की अर्थव्यवस्था बचाने का काम किया। भाजपा सरकार ने किसानों को अपमानित किया। काले कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में सात सौ से ज्यादा किसान शहीद हो गए। किसान भाजपा सरकार के अन्याय और अत्याचार को कभी नहीं भूल सकता। भाजपा के लोगों ने किसानों को जीप से कुचलवा कर उनकी हत्या करा दी।  

यादव ने कहा कि बाबा मुख्यमंत्री विकास के साथ-साथ अल्पसंख्यकों के भी दुश्मन हैं। यूपी विधानसभा में एंग्लो इंडियन के लिए एक सीट रिजर्व थी, बाबा मुख्यमंत्री ने उसे खत्म कर दिया। जैन समाज मेहनती है, अल्पसंख्यक है। उसकी संख्या पचास लाख ही होगी। भाजपा सरकार उन पर छापे डलवा रही है। प्रताड़ित करा रही है। भाजपा नहीं चाहती कि जैन समाज आगे बढ़े और विकास करे।

वहीं, अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के आज भगवान परशुराम मंदिर में दर्शन पूजन करने के बाद आम जनता के लिए यह मंदिर खोल दिया जाएगा.

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई। नौजवानों को नौकरी नहीं मिली। भाजपा सरकार की गलत नीतियों से व्यापार नहीं बढ़ पा रहा है। महंगाई बहुत बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश हर आंकड़े में पीछे दिखाई दे रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पीछे चला गया है। कोरोना काल से प्रदेश में पढ़ाई ठप है।

सपा सरकार ने राजधानी लखनऊ में विकास के लिए बहुत कार्य किए। चकगंजरिया आई.टी. सिटी और उसके आस-पास जो विकास दिखाई दे रहा है, वह समाजवादी सरकार में हुआ, लेकिन भाजपा सरकार उसे आगे नहीं बढ़ा पायी।

समाजवादियों ने एचसीएल लाकर उसे दुनिया से जोड़ने का काम किया। एचसीएल के आने से बेंगलुरु, हैदराबाद में नौकरी करने वाले और पढ़ाई के लिए दूर जाने वाले बच्चों को यहां सुविधा मिली। सपा सरकार ने कैंसर इंस्टिट्यूट बनाया था। भाजपा सरकार ने इसकी उपेक्षा की। अगर कैंसर संस्थान को ठीक से चलाया होता तो कैंसर के इलाज के लिए गरीबों को मुंबई और अन्य जगहों पर नहीं जाना पड़ता।

राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव यहां दर्शन करने आए तो लोगों में उत्साह भी ज्यादा देखने को मिला है. चाहे ब्राह्मण समाज हो या समाजवादी पार्टी के नेता-कार्यकर्ता, सभी में जोश देखा गया.

अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार ने लखनऊ को आधुनिक और विश्वस्तरीय स्टेडियम बनाकर दिया। मुख्यमंत्री अपने सरकारी कार्यक्रम भी इसी स्टेडियम में आकर करते हैं। उनके पास कोई दूसरा स्थान नहीं है। समाजवादी लोग खेल और खेल भावना को पहचानते हैं इसीलिए स्टेडियम बनवाया। बाबा मुख्यमंत्री को किसी खेल के बारे में जानकारी नहीं। यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश तभी खुशहाली के रास्ते पर जाएगा, जब योग्य सरकार बनेगी। सपा सरकार ने कानून व्यवस्था और सुरक्षा के लिए डायल 100 और पुलिस मुख्यालय दिया। यादव ने कहा कि जिस तरह का समर्थन दिखाई दे रहा है। यह ऐतिहासिक बदलाव का संकेत है। आने वाले समय में साइकिल की सरकार बनेगी और विकास को रफ्तार मिलेगी।

इसे भी पढ़ें:: https://mediaswaraj.com/brahman-should-came-in-politics/

चुनाव के लिए नहीं, समाज के लिए बनवाया मंदिर:

भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापना और मंदिर के सामने फरसा लगवाने वाले सपा नेता संतोष पाण्डेय ने बताया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज भगवान परशुराम के दर्शन करने यहां पहुंचे. ब्राह्मण समाज के साथ प्रदेश के सभी समाज बहुत खुश हैं कि लखनऊ में भगवान परशुराम का दिव्य मंदिर बना है. क्योंकि राष्ट्रीय अध्यक्ष यहां दर्शन करने आए तो लोगों में उत्साह भी ज्यादा देखने को मिला है. चाहे ब्राह्मण समाज हो या समाजवादी पार्टी के नेता-कार्यकर्ता, सभी में जोश देखा गया. अखिलेश यादव के दर्शन के बाद आम जनता के लिए यह मंदिर खोल दिया गया. इसके बाद यहां भण्डारे का आयोजन किया गया.

हालांकि, यह पूछे जाने पर कि क्या केवल चुनाव से पहले ब्राह्मण वोट लेने के लिए यह मंदिर बनवाया गया है? इस पर संतोष पाण्डेय ने जवाब दिया कि भगवान परशुराम जी उनके आराध्य देव हैं. मुलायम और अखिलेश की सरकारों में परशुराम जयंती पर छुट्टी भी हुआ करती थी. इसके बाद धर्म की ठेकेदार बनने वाली भाजपा ने भगवान परशुराम को महापुरुष बताकर जयंती की छुट्टी खत्म कर दी. अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए पार्टी कार्यालय में भी परशुराम जयंती मनाई जाती थी. संतोष कहते हैं कि उनकी पार्टी हर धर्म, हर भगवान को मानती है. ऐसे में यह धर्म और समाज का काम है. इसे चुनाव के मद्देनजर नहीं बनवाया गया है.

Check Also

चिंता पर चर्चा Part II : देश में बेरोजगारी बढ़ने से बढ़ी खुदकुशी करने वालों की संख्या, क्या कहते हैं अर्थशास्त्री

देश में बीते कुछ वर्षों में बेरोजगारी बढ़ी है, जिससे ज्यादातर लोग कर्ज के बोझ …